श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  1.4.99 
কি বিহানে, কি মধ্যাহ্নে, কি রাত্রি, সন্ধ্যায
নিরবধি বাডীর বাহিরে প্রভু যায
कि विहाने, कि मध्याह्ने, कि रात्रि, सन्ध्याय
निरवधि बाडीर बाहिरे प्रभु याय
 
 
अनुवाद
प्रभु दिन के किसी भी समय घर से बाहर चले जाते थे, चाहे सुबह हो, दोपहर हो, दोपहर हो या रात हो।
 
The Lord would go out of the house at any time of the day, be it morning, noon, afternoon or night.
तात्पर्य
'विहान' एक हिंदी शब्द है जो बांग्लादेश के शब्द 'विभाता' का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ है "सुबह में"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)