श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  1.4.96 
সবেই সন্দেশ-কলা দেযেন প্রভুরে
পাইযা সন্তোষে প্রভু আইসেন ঘরে
सबेइ सन्देश-कला देयेन प्रभुरे
पाइया सन्तोषे प्रभु आइसेन घरे
 
 
अनुवाद
वे भगवान को केले और संदेश देते थे और भगवान संतुष्ट होकर घर लौटते थे।
 
They would offer bananas and messages to the Lord and the Lord would return home satisfied.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)