श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  1.4.89 
’হরি’ বলি’ নারী-গণে দেয করতালি
নাচে গৌরসুন্দর বালক কুতূহলী
’हरि’ बलि’ नारी-गणे देय करतालि
नाचे गौरसुन्दर बालक कुतूहली
 
 
अनुवाद
जब वे ताली बजाते और हरि का नाम जपते, तो गौरसुन्दर उत्साह से नाचते।
 
When they clapped their hands and chanted the name of Hari, Gaurasundara would dance with enthusiasm.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)