श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  1.4.82 
বালক-স্বভাবে প্রভু যবে চলি’ যায
রক্ত পডে হেন,—দেখি’ মাযে ত্রাস পায
बालक-स्वभावे प्रभु यबे चलि’ याय
रक्त पडे हेन,—देखि’ माये त्रास पाय
 
 
अनुवाद
जब प्रभु एक छोटे बच्चे की तरह घूम रहे थे, तो उनकी मां यह सोचकर डर गई कि उनके लाल पैरों से खून बह रहा है।
 
When the Lord was moving around like a small child, his mother was frightened thinking that his red feet were bleeding.
तात्पर्य
भगवान के कमल चरण और पाय की अंगुली की नख अनार के फूल की तरह लाल थे, तब से शची देवी को डर था कि भगवान के कमल चरण से खून बह रहा है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)