श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.4.7 
’বিষ্ণু-রক্ষা’ পডে কেহ ’দেবী-রক্ষা’ পডে
মন্ত্র পডি’ ঘর কেহ চারি-দিগে বেডে
’विष्णु-रक्षा’ पडे केह ’देवी-रक्षा’ पडे
मन्त्र पडि’ घर केह चारि-दिगे वेडे
 
 
अनुवाद
कुछ लोग भगवान विष्णु की रक्षा के लिए मंत्र पढ़ते थे, तो कुछ देवी दुर्गा की रक्षा के लिए मंत्र पढ़ते थे। कुछ लोग घर की परिक्रमा करते हुए मंत्र जपते थे।
 
Some chanted mantras for the protection of Lord Vishnu, others for the protection of Goddess Durga, and others chanted mantras while circumambulating the house.
तात्पर्य
विष्णु-रक्षा शब्द का अर्थ है कि विष्णु, जो सभी खतरों को नष्ट कर देते हैं, उनसे बच्चे की सुरक्षा के लिए प्रार्थना का जाप करना। देवी-रक्षा शब्द का अर्थ है कि दुर्गा से बच्चे की सुरक्षा के लिए प्रार्थना का जाप करना। वेडे शब्द का अर्थ है “चारों ओर जाना”।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)