श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  1.4.61 
শুনিযা নাচেন প্রভু কোলের উপরে
বিশেষে সকল-নারী হরি-ধ্বনি করে
शुनिया नाचेन प्रभु कोलेर उपरे
विशेषे सकल-नारी हरि-ध्वनि करे
 
 
अनुवाद
जैसे ही भगवान ने उनका जाप सुना, वे उनकी गोद में नाचने लगे। इससे महिलाओं को और भी उत्साह से जाप करने की प्रेरणा मिली।
 
As soon as the Lord heard their chanting, he began dancing on their lap. This inspired the women to chant with even greater enthusiasm.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)