श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  1.4.60 
প্রভু যেই কান্দে, সেই-ক্ষণে নারী-গণ
হাতে তালে দিযা করে হরি-সঙ্কীর্তন
प्रभु येइ कान्दे, सेइ-क्षणे नारी-गण
हाते ताले दिया करे हरि-सङ्कीर्तन
 
 
अनुवाद
जब भी भगवान रोते, स्त्रियाँ तुरंत ताली बजातीं और हरि का नाम जपतीं।
 
Whenever the Lord cried, the women would immediately clap and chant the name of Hari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)