श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  1.4.59 
যে করযে কোলে, সেই এডিতে না জানে
দেবের দুর্লভে কোলে করে নারী-গণে
ये करये कोले, सेइ एडिते ना जाने
देवेर दुर्लभे कोले करे नारी-गणे
 
 
अनुवाद
जो कोई भी उन्हें गोद में लेता था, वह उन्हें नीचे रखना पसंद नहीं करता था। इस प्रकार स्त्रियों ने उन्हें गोद में उठा लिया, जो देवताओं को दुर्लभ हैं।
 
Whoever took him in their arms would not let him down. So women carried him in their arms, a feat rare even for gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)