vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना
»
श्लोक 32
श्लोक
1.4.32
’জননী আইসে’,—হেন জানিযা আপনে
শযনে আছেন প্রভু, করেন রোদনে
’जननी आइसे’,—हेन जानिया आपने
शयने आछेन प्रभु, करेन रोदने
अनुवाद
जब वह समझ जाता कि उसकी माँ आ रही है, तो वह लेट जाता और रोने लगता।
When he understood that his mother was coming, he would lie down and start crying.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×