श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.4.27 
জানিযা প্রভুর চিত্ত সর্ব-জন মেলি’
সদাই বলেন ’হরি’ দিযা করতালি
जानिया प्रभुर चित्त सर्व-जन मेलि’
सदाइ बलेन ’हरि’ दिया करतालि
 
 
अनुवाद
भगवान के हृदय की बात जानकर सभी लोग ताली बजाते हुए निरन्तर हरि नाम का जप करते रहे।
 
Knowing the heart of God, everyone kept clapping and continuously chanting the name of Hari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)