श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.4.22 
বালকেরে আশিষিযা সর্ব-নারী-গণ
চলিলেন গৃহে, বন্দি’ আইর চরণ
बालकेरे आशिषिया सर्व-नारी-गण
चलिलेन गृहे, वन्दि’ आइर चरण
 
 
अनुवाद
फिर सभी महिलाओं ने बच्चे को आशीर्वाद दिया, माता शची को प्रणाम किया और अपने-अपने घरों को चली गईं।
 
Then all the women blessed the child, bowed to Mother Shachi and went to their respective homes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)