श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.4.21 
খৈ, কলা, তৈল, সিন্দূর, গুযা, পান
সবারে দিলেন আই করিযা সমান
खै, कला, तैल, सिन्दूर, गुया, पान
सबारे दिलेन आइ करिया समान
 
 
अनुवाद
इसके बाद माता शची ने महिलाओं को आदरपूर्वक भुना हुआ धान, केला, सरसों का तेल, सिंदूर, सुपारी और पान वितरित किया।
 
After this, Mata Shachi respectfully distributed roasted paddy, banana, mustard oil, vermillion, betel nut and betel leaf to the women.
तात्पर्य
'आई' शब्द 'आर्या' (आर्य की माता को संबोधन) का भ्रष्ट रूप है और इस पुस्तक में इसका उपयोग माता शची के संबोधन के रूप में किया गया है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)