श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.4.17 
সেইখানে থাকি’ দেব হাসে অলক্ষিতে
পরিপূর্ণ হৈল মাসেক এই-মতে
सेइखाने थाकि’ देव हासे अलक्षिते
परिपूर्ण हैल मासेक एइ-मते
 
 
अनुवाद
जो देवता वहाँ गुप्त रूप से खड़े होकर सब कुछ देख रहे थे, वे हँसने लगे और इस प्रकार एक महीना बीत गया।
 
The gods who were standing there secretly watching everything started laughing and thus a month passed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)