श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.4.16 
কোন ওঝা বোলে,—’আজি এডাইলি ভাল
না জানিস্ নৃসিṁহের প্রতাপ বিশাল’
कोन ओझा बोले,—’आजि एडाइलि भाल
ना जानिस् नृसिꣳहेर प्रताप विशाल’
 
 
अनुवाद
एक ओझा ने कहा, "तुम भाग्यशाली हो कि आज बच गए। तुम भगवान नृसिंहदेव की महान शक्ति को नहीं जानते!"
 
An exorcist said, "You are lucky to have survived today. You do not know the great power of Lord Nrisimhadeva!"
तात्पर्य
ओझा शब्द उपाध्याय नाम का अपभ्रंश है। इस नाम के लोग सामान्यतः चिकित्सक होते हैं जो भूत-प्रेत, दुष्ट आत्माओं और सर्पदंश से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए मंत्रों का जाप करने में पारंगत होते हैं। नृसिंह-मंत्र की महान शक्ति भूत-प्रेत, दुष्ट आत्माओं और प्रेतों के लिए भयंकर और असहनीय है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)