श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.4.14 
প্রভু দেখি’ গৃহের বহিরে দেব যায
সবে বোলে,—’এই-মত আসে ও পালায’
प्रभु देखि’ गृहेर बहिरे देव याय
सबे बोले,—’एइ-मत आसे ओ पालाय’
 
 
अनुवाद
भगवान को देखने के बाद जब देवता घर से बाहर निकले तो सभी ने कहा, "वह जा रहा है!"
 
When the deity came out of the house after seeing the Lord, everyone said, "He is leaving!"
तात्पर्य
दूसरी पंक्ति के लिए एक और अर्थ है सब बोलै, ए जात हारणी पलाय – 'हर किसी ने चिल्लाकर कहा, वो डायन भाग रही है!'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)