श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  1.4.137 
প্রভু বোলে,—“আমি গিযাছিনু গঙ্গা-তীরে
পথ হারাইযা আমি বেডাই নগরে
प्रभु बोले,—“आमि गियाछिनु गङ्गा-तीरे
पथ हाराइया आमि वेडाइ नगरे
 
 
अनुवाद
भगवान ने उत्तर दिया, "मैं गंगा के तट पर गया था और फिर रास्ता भूल गया।
 
The Lord replied, “I went to the banks of the Ganges and then lost my way.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)