श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 135
 
 
श्लोक  1.4.135 
“আমি আনিঞাছি”—কোন জন নাহি বোলে
অদ্ভুত দেখিযা সবে পডিলেন ভোলে
“आमि आनिञाछि”—कोन जन नाहि बोले
अद्भुत देखिया सबे पडिलेन भोले
 
 
अनुवाद
चूँकि किसी ने यह नहीं कहा कि, “मैं उसे लाया हूँ”, इसलिए सभी लोग उलझन में पड़ गये।
 
Since no one said, “I brought it,” everyone was confused.
तात्पर्य
भोला शब्द भूला शब्द का भ्रष्ट रूप है, जिसका अर्थ है "गलती," "त्रुटि," "भ्रम," या "बुद्धि की हानि।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)