श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  1.4.131 
“চণ্ডী রাখিলেন আজি”—বোলে দুই চোরে
সুস্থ হৈযা দুই চোর কোলাকুলি করে
“चण्डी राखिलेन आजि”—बोले दुइ चोरे
सुस्थ हैया दुइ चोर कोलाकुलि करे
 
 
अनुवाद
दोनों ने निष्कर्ष निकाला, “देवी चण्डी ने आज हमें बचा लिया है।” फिर, जब वे संयत हुए, तो उन्होंने एक-दूसरे को गले लगा लिया।
 
Both concluded, “Goddess Chandi has saved us today.” Then, when they regained their composure, they embraced each other.
तात्पर्य
इस छंद में चंडी राखिलेना शब्द का मतलब है "हमारी आराध्य देवी चंडी ने हमें आज सुरक्षित रखा है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)