श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  1.4.126 
নামিলেই মাত্র প্রভু গেলা পিতৃ-কোলে
মহানন্দ করি’ সবে ’হরি’ ’হরি’ বোলে
नामिलेइ मात्र प्रभु गेला पितृ-कोले
महानन्द करि’ सबे ’हरि’ ’हरि’ बोले
 
 
अनुवाद
भगवान तुरन्त अपने पिता की गोद में चले गये और सभी लोग बड़े आनन्द से हरि नाम का जप करने लगे।
 
The Lord immediately went into his father's lap and everyone started chanting the name of Hari with great joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)