श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  1.4.119 
পরম ব্যাকুল হৈলেন সর্ব-জন
জল বিনা যেন হয মত্স্যের জীবন
परम व्याकुल हैलेन सर्व-जन
जल विना येन हय मत्स्येर जीवन
 
 
अनुवाद
वे सभी जल बिन मछली की तरह व्याकुल हो गये।
 
They all became restless like fish out of water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)