श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 4: नाम-करण समारोह, बचपन की लीलाएँ, और चोरों का भगवान को हरना  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  1.4.108 
এক-দিন প্রভুর দেখিযা দুই চোরে
যুক্তি করে,—“কা’র শিশু বেডায নগরে”
एक-दिन प्रभुर देखिया दुइ चोरे
युक्ति करे,—“का’र शिशु बेडाय नगरे”
 
 
अनुवाद
एक दिन दो चोरों ने भगवान को देखा और सोचा, “यह किसका बच्चा है, जो सड़कों पर अकेला घूम रहा है?”
 
One day two thieves saw the Lord and thought, “Whose child is this, roaming alone on the streets?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)