vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना
»
श्लोक 47
श्लोक
1.3.47
এতেকে এ দুই তিথি করিলে সেবন
কৃষ্ণ-ভক্তি হয, খণ্ডে অবিদ্যা-বন্ধন
एतेके ए दुइ तिथि करिले सेवन
कृष्ण-भक्ति हय, खण्डे अविद्या-बन्धन
अनुवाद
अतः जो कोई इन दो दिनों का पालन करता है, उसे भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है और अज्ञान के बंधन से मुक्ति मिलती है।
Hence, whoever observes these two days attains devotion to Lord Krishna and is liberated from the bondage of ignorance.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×