श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.3.38 
শচীর চরণ-ধূলি লয দেবী-গণ
আনন্দে শচীর মুখে না আইসে বচন
शचीर चरण-धूलि लय देवी-गण
आनन्दे शचीर मुखे ना आइसे वचन
 
 
अनुवाद
देवियों ने शचीदेवी के चरणों की धूल ली और शची प्रसन्नता से अवाक हो गईं।
 
The goddesses took the dust from the feet of Shachidevi and Shachi became speechless with joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)