श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  1.3.37 
অপূর্ব সুন্দরী সব শচী-দেবী দেখে
বার্তা জিজ্ঞাসিতে কারো না আইসে মুখে
अपूर्व सुन्दरी सब शची-देवी देखे
वार्ता जिज्ञासिते कारो ना आइसे मुखे
 
 
अनुवाद
यद्यपि माता शची ने वहां सुन्दर देवियों को देखा, किन्तु वे उनकी पहचान पूछने में बहुत शरमा रही थीं।
 
Although Mother Shachi saw beautiful goddesses there, she was too shy to ask their identity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)