श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.3.35 
দেব-মাতা সব্য-হাতে ধান্য-দূর্বা লৈযা
হাসি’ দেন প্রভু-শিরে ’চিরাযু’ বলিযা
देव-माता सव्य-हाते धान्य-दूर्वा लैया
हासि’ देन प्रभु-शिरे ’चिरायु’ बलिया
 
 
अनुवाद
देवताओं की माता अदिति ने अपने दाहिने हाथ से बालक के सिर पर धान और दूर्वा रखी और उसे आशीर्वाद देते हुए कहा, "दीर्घायु हो।"
 
Aditi, the mother of the gods, placed paddy and durva on the child's head with her right hand and blessed him, saying, "Long live."
तात्पर्य
इस श्लोक में शब्द "सव्य-हाते" का अर्थ "दायें हाथ" है। शब्द "देव-माता" का अर्थ है अदिति, कश्यप मुनि की पत्नी।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)