ब्राह्मण बोले, "यह बालक स्वयं नारायण है, सभी प्रभुओं के स्वामी। वह अकेला विभिन्न धर्म प्रचारकों के विरोधी सिद्धांतों को समुचित रूप से समेट लेगा।"