श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.3.16 
বিপ্র বলে,—“এ শিশু সাক্ষাত্ নারাযণ
ইঙ্হা হৈতে সর্ব-ধর্ম হৈবে স্থাপন
विप्र बले,—“ए शिशु साक्षात् नारायण
इङ्हा हैते सर्व-धर्म हैबे स्थापन
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा, "यह बालक नारायण से अभिन्न है। यह धार्मिक सिद्धांतों की पुनः स्थापना करेगा।"
 
He said, "This child is inseparable from Narayana. He will re-establish religious principles."
तात्पर्य
ब्राह्मण बोले, "यह बालक स्वयं नारायण है, सभी प्रभुओं के स्वामी। वह अकेला विभिन्न धर्म प्रचारकों के विरोधी सिद्धांतों को समुचित रूप से समेट लेगा।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)