श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान के कुंडली की गणना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.3.15 
সেইখানে বিপ্র-রূপে এক মহাজন
প্রভুর ভবিষ্য-কর্ম করযে কথন
सेइखाने विप्र-रूपे एक महाजन
प्रभुर भविष्य-कर्म करये कथन
 
 
अनुवाद
उस सभा में एक महान ब्राह्मण भक्त था, जिसने भगवान के भावी कार्यों का वर्णन करना आरम्भ किया।
 
There was a great Brahmin devotee in that assembly, who began to describe the future actions of the Lord.
तात्पर्य
भगवान की कुंडली की गणना के समय, आध्यात्मिक ज्ञान में पूर्णत: निपुण एक伟大 व्यक्तित्व, वहाँ ब्राह्मण के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने महाप्रभु की भावी अलौकिक गतिविधियों, या ईश्वर के प्रेम के वितरण का वर्णन करना शुरू किया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)