श्रीवास पंडित नवद्वीप में निवास करते थे। भगवान चैतन्य ने उनके घर में अनेक लीलाएँ कीं।
Srivasa Pandita lived in Navadvipa. Lord Chaitanya performed many pastimes in his house.
तात्पर्य
श्री चैतन्यदेव ने श्रीवास पंडित के आँगन में, जो श्री वृंदावन से भिन्न नहीं है, भगवान कृष्ण के पवित्र नामों का जाप करने के अपने लीलाओं का प्रदर्शन किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥