श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  1.2.93 
আনিযা বৈকুণ্ঠ-নাথ সাক্ষাত্ করিযা
নাচিব, গাইব সর্ব-জীব উদ্ধারিযা
आनिया वैकुण्ठ-नाथ साक्षात् करिया
नाचिब, गाइब सर्व-जीव उद्धारिया
 
 
अनुवाद
“मैं वैकुंठ के भगवान को इस संसार में प्रकट करूंगा, और हम नृत्य करेंगे, कीर्तन करेंगे, और इस प्रकार पतित जीवों का उद्धार करेंगे।”
 
“I will manifest the Lord of Vaikuntha in this world, and we will dance, sing kirtans, and thus deliver the fallen souls.”
तात्पर्य
"अगर मैं वैकुण्ठ के भगवान को इस भौतिक संसार में पा सका हूँ जीवों को उनके भोग के स्वभाव से मुक्त कराने के लिए कृष्ण के पवित्र नाम का जाप करके और नृत्य करके, तब मैं वास्तव में खुश होऊंगा।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)