যে-প্রেমের হুঙ্কার শুনিঞা কৃষ্ণ নাথ
ভক্তি-বশে আপনে যে হৈলা সাক্ষাত্
ये-प्रेमेर हुङ्कार शुनिञा कृष्ण नाथ
भक्ति-वशे आपने ये हैला साक्षात्
अनुवाद
अद्वैत प्रभु की प्रेम भरी पुकार सुनकर भगवान कृष्ण स्वयं प्रकट हुए, क्योंकि वे अपने भक्तों के प्रेम से वशीभूत रहते हैं।
Hearing the loving call of Advaita Prabhu, Lord Krishna himself appeared, because he is overwhelmed by the love of his devotees.
तात्पर्य
श्री अद्वैत प्रभु के प्रभु, श्री कृष्ण, ने अद्वैत की प्रेम से भरी हुई ऊँची-ऊँची पुकारें सुनीं, और उनकी प्रार्थना को पूर्ण करने और उनकी शुद्ध सेवा को स्वीकार करने के लिए अद्वैत प्रभु के अनुयायियों के लाभ के लिए प्रभु प्रकट हुए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥