श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  1.2.77 
সবে মেলি’ জগতেরে করে আশীর্বাদ
’শীঘ্র, কৃষ্ণ-চন্দ্র, কর সবারে প্রসাদ’
सबे मेलि’ जगतेरे करे आशीर्वाद
’शीघ्र, कृष्ण-चन्द्र, कर सबारे प्रसाद’
 
 
अनुवाद
उन्होंने संसार के लोगों को अपना आशीर्वाद दिया और प्रार्थना की, “हे कृष्णचन्द्र, कृपया इन लोगों पर शीघ्र कृपा करें।”
 
He gave his blessings to the people of the world and prayed, “O Krishnachandra, please bless these people quickly.”
तात्पर्य
जब भी भक्तगण कठोर भौतिकवादी पाषंडिस की मानसिकता को कृष्ण चेतना की साधना के द्वारा परिवर्तित करने में विफल हो जाते, तब वे कृष्ण से प्रार्थना करते थे कि वे עליהם दया करें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)