ধর্ম কর্ম লোক সবে এই মাত্র জানে
মঙ্গলচণ্ডীর গীতে করে জাগরণে
धर्म कर्म लोक सबे एइ मात्र जाने
मङ्गलचण्डीर गीते करे जागरणे
अनुवाद
लोगों का धर्म सकाम कर्मों पर आधारित था और वे रात भर जागकर मंगलचण्डी, देवी दुर्गा की प्रार्थना करते थे।
The religion of the people was based on selfish actions and they used to stay awake all night and pray to Mangalchandi, Goddess Durga.
तात्पर्य
उस समय भौतिक ज्ञान का इतना वर्चस्व था कि लोग हरि की भक्ति से रहित अनुमान को ही विद्वत्ता समझने की भूल कर बैठे थे। साधारण लोग मानते थे कि धार्मिक सिद्धांतों का अनुसरण करने का सर्वोच्च ध्येय मंगलचंडी के बारे में गीत सुनना और गाना है, जिससे उनके ऐहिक सुख और समृद्धि में वृद्धि होगी। वे भक्ति भाव से रहित अप्राकृतिक कार्यों को ही सचमुच धर्म समझ बैठे थे और इस प्रकार कामनापूर्ति, कर्मफल और सैद्धांतिक ज्ञान की आड़ बढ़ाते गये। वे यह नहीं सोचते थे कि भगवान के भक्तों के कमल चरणों की पूजा ही जीवित प्राणियों का एकमात्र ध्येय है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥