রমা-দৃষ্টি-পাতে সর্ব-লোক সুখে বসে
ব্যর্থ কাল যায মাত্র ব্যবহার-রসে
रमा-दृष्टि-पाते सर्व-लोक सुखे वसे
व्यर्थ काल याय मात्र व्यवहार-रसे
अनुवाद
भाग्य की देवी राम की कृपा दृष्टि से सभी लोग वहां सुखपूर्वक रहते थे, लेकिन वे अपना समय सांसारिक कार्यों में बर्बाद करते थे।
Everyone lived happily there due to the blessings of Rama, the goddess of fortune, but they wasted their time in worldly pursuits.
तात्पर्य
हालाँकि लक्ष्मीदेवी की कृपा से नवद्वीप वैभव और सुख का केन्द्र था, फिर भी लोग सांसारिक सुख से उन्मत्त हो गये थे और सिर्फ भोग विलास के लिए भौतिक ज्ञान बढ़ाने में लीन रहते थे। इस तरह उन्होंने अपना जीवन व्यर्थ सांसारिक कर्मों में व्यतीत किया। त्रिदंडी स्वामी श्री प्रबोधानंद सरस्वतीपाद ने अपनी पुस्तक श्री चैतन्य चंद्रामृत (113) में भौतिकवादी और तपस्वी की मानसिकता का वर्णन किया है जो श्रीमान महाप्रभु के समय ईश्वरविहीन भौतिक ज्ञान पर गर्व करते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥