নানা-দেশ হৈতে লোক নবদ্বীপে যায
নবদ্বীপে পডিলে সে ’বিদ্যা-রস’ পায
नाना-देश हैते लोक नवद्वीपे याय
नवद्वीपे पडिले से ’विद्या-रस’ पाय
अनुवाद
नवद्वीप में अध्ययन करने के लिए विभिन्न प्रांतों से बहुत से लोग आते थे, क्योंकि वहां अध्ययन करने से शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न होती थी।
Many people from different provinces came to study in Navadvipa, because studying there generated interest in education.
तात्पर्य
तर्कशास्त्र के अध्ययन के इच्छुक छात्र मैथिला से नवद्वीप आये। उत्तर भारत के वाराणसी से कई संन्यासी एवं योग्य अध्यापक नवद्वीप में वेदान्त अध्ययन करने आये। दक्षिण भारत के काँची से भी कई छात्र नवद्वीप में अध्ययन करने आये। अतः विभिन्न प्रान्त के छात्र - समुदाय नवद्वीप में आकर विभिन्न शास्त्रों के प्रकाण्ड पण्डित बनने का अवसर पाये।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥