श्री नित्यानंद प्रभु सेवा की प्रतिमूर्ति हैं। श्री गौरसुंदर का सेवक होने के नाते, जो सर्वोच्च पूजनीय भगवान हैं, श्री नित्यानंद व्यक्तिगत रूप से गौर की पूजा करते हैं और शुद्ध भक्तों के पूजनीय भगवान हैं। हालाँकि श्री नित्यानंद राम, भगवानों के भगवान, स्वयं विष्णु हैं, वह अपने स्वयं-रूप गौर की उदार लीलाओं में सेवक और सहायक हैं। भगवान नित्यानंद अपने भगवान की दस रूपों में सेवा करते हैं। आज भी नित्यानंद की मूर्ति नबद्वीप और जगन्नाथ पुरी में देखी जाती है।
