श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  1.2.48 
সṁসার তারিতে শ্রী-চৈতন্য-অবতার
আপনে শ্রী-মুখে করিযাছেন অঙ্গীকার
सꣳसार तारिते श्री-चैतन्य-अवतार
आपने श्री-मुखे करियाछेन अङ्गीकार
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का उद्धार करने के लिए अवतरित हुए। उन्होंने अपने वचनों से इसकी पुष्टि की है।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu incarnated to uplift the entire universe. He confirmed this through his words.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)