अधिकांश वैष्णव नवद्वीप के विभिन्न गांवों में प्रकट हुए, लेकिन श्री गौर के कुछ अनुयायी, श्री नित्यानंद द्वारा निर्देशित, अन्य जगहों पर प्रकट हुए।