’ভাগবত’ রূপে জন্ম হৈল সবার
কৃষ্ণ সে জানেন,—যাঙ্র অṁশে জন্ম যাঙ্র
’भागवत’ रूपे जन्म हैल सबार
कृष्ण से जानेन,—याङ्र अꣳशे जन्म याङ्र
अनुवाद
केवल गौर-कृष्ण ही जानते थे कि किस सहयोगी ने किस भक्त के रूप में जन्म लिया।
Only Gaura-Krishna knew which associate took birth as which devotee.
तात्पर्य
कृष्ण की लीलाओं में साथ देने वाले सखा इस संसार में वैष्णवों के रूप में प्रकट हुए और श्री गौरसुंदर की सेवाओं में तत्पर हो गए । श्री गौर-कृष्ण भगवान स्वयं जानते थे कि उनके कौन से भक्त कहाँ प्रकट हुए हैं ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥