श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.2.29 
কি অনন্ত, কি শিব, বিরিঞ্চি, ঋষি-গণ
যত অবতারের পার্ষদ আপ্ত-গণ
कि अनन्त, कि शिव, विरिञ्चि, ऋषि-गण
यत अवतारेर पार्षद आप्त-गण
 
 
अनुवाद
अनन्त, शिव, ब्रह्मा, विभिन्न ऋषिगण तथा भगवान के सभी पूर्व अवतारों के पार्षद - सभी ने महान भक्तों के रूप में जन्म लिया।
 
Ananta, Shiva, Brahma, various sages and associates of all the previous incarnations of the Lord – all took birth as great devotees.
तात्पर्य
विभिन्न देवताओं और संतों जिन्होंने प्रभु को अपने विभिन्न अवतारों में पूजा की पेशकश की थी, वे इस भौतिक संसार में गौरा के अनंत लीलाओं के सहयोगियों के रूप में प्रकट हुए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)