श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.2.28 
প্রভুর আজ্ঞায আগে সর্ব-পরিকর
জন্ম লভিলেন সবে মানুষ-ভিতর
प्रभुर आज्ञाय आगे सर्व-परिकर
जन्म लभिलेन सबे मानुष-भितर
 
 
अनुवाद
प्रभु के आदेश पर उनके सभी सहयोगियों ने मानव समाज में जन्म लिया।
 
At the Lord's command, all his associates were born into human society.
तात्पर्य
भगवान के साथी दुनिया की मानव समाज में, श्री गौर के मनोरंजनों में सहायता करने के लिए उनके आदेश पर प्रकट हुए। वे सामान्य मनुष्य नहीं हैं, जो अपने पिछले कर्मों के परिणामों से पीड़ित होते हैं और यमराज के दंड के अधीन होते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)