ऐछन कौतुके, आइला नवद्वीपे,
चौदिके शुनि हरि-नाम रे
पाइया गौर-रस, विह्वल परवश,
चैतन्य-जय-जय गान रे
अनुवाद
इस आनंदमय अवस्था में वे नवद्वीप आते हैं और चारों ओर से हरि के नामों का ध्वनि-कंपन सुनते हैं। वहाँ वे गौरा के आनंदमय भावों का आस्वादन करते हैं और उनकी महिमा का गान करते हुए भावविभोर हो जाते हैं।
In this blissful state, he comes to Navadvipa and hears the reverberation of Hari's names all around. There, he savors Gaura's blissful expressions and becomes ecstatic, singing her glories.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥