श्रीमद्भागवत में कहा गया है कि परम सत्य भगवान गौरचन्द्र पवित्र नामों के जाप का प्रचार करने के लिए अवतार लेते हैं।
It is said in the Srimad Bhagavatam that the Supreme Truth, Lord Gaurachandra, incarnates to propagate the chanting of the holy names.
तात्पर्य
इस कलियुग के लोग विवादों में लिप्त हैं जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न प्रकार के झगड़े होते हैं। इन लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए, श्री गौरसुंदर ने भगवान के पवित्र नाम के सामूहिक जप का प्रचार किया, जो सर्वोच्च परम सत्य है, सभी भ्रमों का नाश करने वाला और अनंत काल, ज्ञान और आनंद का रूप है। श्रीमद् भागवतम में यह भी पुष्टि की गई है कि श्री गौरसुंदर सभी सत्यों का सार हैं, सर्वोच्च परम सत्य और संकीर्तन के अवतार हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥