श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 227
 
 
श्लोक  1.2.227 
কেহ পডে স্তুতি, কাহারো হাতে ছাতি,
কেহ চামর ঢুলায রে
পরম-হরিষে, কেহ পুষ্প বরিষে,
কেহ নাচে, গায, বা’য রে
केह पडे स्तुति, काहारो हाते छाति,
केह चामर ढुलाय रे
परम-हरिषे, केह पुष्प वरिषे,
केह नाचे, गाय, वा’य रे
 
 
अनुवाद
कुछ देवता प्रार्थना करते हैं, कुछ छाता लिए हुए हैं, कुछ चामर लहराते हैं, कुछ प्रसन्नतापूर्वक फूल बरसाते हैं, कुछ नृत्य करते हैं, और कुछ संगीत वाद्ययंत्र बजाते हैं।
 
Some deities pray, some hold umbrellas, some wave fans, some joyfully shower flowers, some dance, and some play musical instruments.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)