শচীর অঙ্গনে, সকল দেব-গণে,
প্রণাম হৈযা পডিলা রে
গ্রহণ-অন্ধকারে, লখিতে কেহ নারে,
দুর্জ্ঞেয চৈতন্যের খেলা রে
शचीर अङ्गने, सकल देव-गणे,
प्रणाम हैया पडिला रे
ग्रहण-अन्धकारे, लखिते केह नारे,
दुर्ज्ञेय चैतन्येर खेला रे
अनुवाद
सभी देवता शचीदेवी के प्रांगण में आकर उन्हें प्रणाम करते हैं। ग्रहण के अंधकार के कारण कोई उन्हें पहचान नहीं पाता। श्री चैतन्य की ऐसी रहस्यमयी लीलाएँ हैं!
All the gods come to Sacidevi's courtyard and pay their respects. Due to the darkness of the eclipse, no one recognizes her. Such are the mysterious pastimes of Sri Chaitanya!
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥