श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 221
 
 
श्लोक  1.2.221 
দূরে গেল সকল আপদ
ব্যক্ত হৈল সকল সম্পদ
दूरे गेल सकल आपद
व्यक्त हैल सकल सम्पद
 
 
अनुवाद
उनके आगमन से सभी खतरे समाप्त हो जाते हैं और सभी समृद्धि प्रकट होती है।
 
With his arrival all dangers end and all prosperity appears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)