श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 220
 
 
श्लोक  1.2.220 
শ্রী-চরণে ধ্বজ-বজ্র শোভে
সব-অঙ্গে জগ-মন লোভে
श्री-चरणे ध्वज-वज्र शोभे
सब-अङ्गे जग-मन लोभे
 
 
अनुवाद
उनके चरणकमलों पर ध्वजा और वज्र अंकित हैं। उनके सभी अंग सभी लोगों के मन को आकर्षित करते हैं।
 
His lotus feet are marked with the flag and the thunderbolt. All His features attract the minds of all people.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)