श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 217
 
 
श्लोक  1.2.217 
প্রকাশ হৈলা গৌরচন্দ্র
দশ-দিকে উঠিল আনন্দ
प्रकाश हैला गौरचन्द्र
दश-दिके उठिल आनन्द
 
 
अनुवाद
श्री गौरचन्द्र के प्रकट होते ही दसों दिशाएँ आनंद से भर गईं।
 
As soon as Shri Gaurchandra appeared, all the ten directions were filled with joy.
तात्पर्य
दशा दिशा शब्द का अर्थ है- पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, ऊपर और नीचे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)