श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान का अवतरण  »  श्लोक 213
 
 
श्लोक  1.2.213 
(আজু) বিজযে গৌরাঙ্গ, অবনী-মণ্ডলে,
চৌদিকে শুনিযা উল্লাস
এক হরি-ধ্বনি, আ-ব্রহ্ম ভরি’ শুনি,
গৌরাঙ্গ-চাঙ্দের পরকাশ
(आजु) विजये गौराङ्ग, अवनी-मण्डले,
चौदिके शुनिया उल्लास
एक हरि-ध्वनि, आ-ब्रह्म भरि’ शुनि,
गौराङ्ग-चाङ्देर परकाश
 
 
अनुवाद
इस संसार में श्री गौरांग के प्रकट होने के कारण, हरि के नाम की ध्वनि पूरे ब्रह्मांड में ब्रह्मलोक तक फैल गई।
 
Due to the appearance of Sri Gauranga in this world, the sound of Hari's name spread throughout the universe up to Brahmaloka.
तात्पर्य
विजय का अर्थ है "इस भौतिक संसार में प्रकट होना"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)