भगवान के सुन्दर शरीर की आकृतियाँ देखी नहीं जा सकतीं, क्योंकि वे सूर्य की किरणों को भी फीका कर देती हैं। उनके चौड़े नेत्र, जिनके सिरे ऊपर की ओर उठे हुए हैं, उनकी तुलना नहीं की जा सकती।
The Lord's beautiful body is unseen, as it dims even the sun's rays. His wide, upturned eyes are beyond comparison.
तात्पर्य
जिनिंना रवि-कर का मतलब है "सूर्य की किरणों को पराजित करना या जीतना।" श्री-अंग-सुंदर का एक और पाठ श्री-अंग-उजोरा है, या "तेजस्वी अंग।" सूर्य की किरणें बेहद चमकदार होती हैं और उन्हें देखना असंभव होता है, फिर भी श्री गौर का शरीर और भी अधिक तेजस्वी है। इसलिए उन्हें देखना असंभव था। गौर की नज़र और चौड़ी आँखें बेजोड़ हैं, और उनका शरीर कृष्ण के शरीर से अलग नहीं है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥