vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 2: भगवान का अवतरण
»
श्लोक 210
श्लोक
1.2.210
দেখিতে গৌরাঙ্গ-চন্দ্র
নদীযার লোক- শোক সব নাশল,
দিনে দিনে বাডল আনন্দ
देखिते गौराङ्ग-चन्द्र
नदीयार लोक- शोक सब नाशल,
दिने दिने बाडल आनन्द
अनुवाद
नादिया के लोगों की खुशी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी और उनका शोक तब दूर हो गया जब उन्होंने चन्द्रमा के समान भगवान गौरांग को देखा।
The happiness of the people of Nadia was increasing day by day and their grief was dispelled when they saw Lord Gauranga who resembled the moon.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×